(N/A) सिलिकोन ऑर्गेनोसिलिकॉन बहुलकों का एक समूह है,जिसमें $(R_{2}SiO)_{n}$ एक पुनरावर्ती इकाई के रूप में होता है। सिलिकोन के निर्माण के लिए प्रारंभिक सामग्री एल्किल या एरिल प्रतिस्थापित सिलिकॉन क्लोराइड $(R_{n}SiCl_{(4-n)})$ हैं,जहाँ $R$ एक एल्किल या एरिल समूह है।
विरचन:
$1$. जब मेथिल क्लोराइड $570 \ K$ तापमान पर उत्प्रेरक के रूप में कॉपर की उपस्थिति में सिलिकॉन के साथ अभिक्रिया करता है,तो $(MeSiCl_{3}, Me_{2}SiCl_{2}, Me_{3}SiCl)$ सूत्र वाले विभिन्न प्रकार के मेथिल प्रतिस्थापित क्लोरोसिलेन और थोड़ी मात्रा में $Me_{4}Si$ बनते हैं।
$2$. डाइमेथिल डाइक्लोरोसिलेन $[(CH_{3})_{2}SiCl_{2}]$ के जल-अपघटन और उसके बाद संघनन बहुलकीकरण द्वारा सीधी श्रृंखला वाले बहुलक प्राप्त होते हैं।
$3$. बहुलक की श्रृंखला की लंबाई को $(CH_{3})_{3}SiCl$ मिलाकर नियंत्रित किया जा सकता है,जो सिरों को ब्लॉक कर देता है।
गुण:
$1$. सिलिकोन अध्रुवीय एल्किल समूहों से घिरे होते हैं,जिससे वे जल-विकर्षक (water-repelling) प्रकृति के होते हैं।
$2$. इनमें सामान्यतः उच्च तापीय स्थिरता,उच्च परावैद्युत सामर्थ्य (dielectric strength) और ऑक्सीकरण तथा रसायनों के प्रति प्रतिरोधकता होती है।